भारत का पुनरुत्थान
*पतन*
मनुष्य के पतन का मुख्य कारण यह नशा ,रिश्वतखोरी ,जुआ ,शराब, परस्त्री को बुरी नजर से देखना, मनमानी पूजा करना वेद, शास्त्रों का ना मानना |आध्यात्मिकता से दूर रहकर मनमानी पूजा करने से मनुष्य को भले बुरे का ज्ञान नहीं रहता है ,जिसके कारण मनुष्य गलत कार्य में संलिप्त रहता है | जिससे मनुष्य का पतन हो जाता है हमारी संस्कृति पतन का कारण मनमाना आचरण ,नशा, आधुनिकता जैसे छोटे-छोटे बच्चों के जैसे कपड़े बड़ी स्त्रियों का पहनना यह भी एक तरफ से मानो मानव का पतन है क्योंकि ऐसे कपड़े पहनने से अश्लीलता समाज में फैलती है जिससे नौजवान पीढ़ी भ्रमित होती है और गलत कार्य कर देती है समाज को बिगाड़ने में प्रमुख कारण यह फिल्में हैं जिनमें अधिक से अधिक दर्शक को लुभाने के लिए ज्यादा से ज्यादा अश्लीलता दिखाई जाती है, जिससे नौजवान पीढ़ी जो है गर्त में जा रही है जिससे देश ही नहीं पूरे विश्व में गलत संदेश जाता है, वजह से पतन की ओर जा रहा है जिसको रोकने के लिए विशेष कदम उठाने आवश्यक है ||
पुनरुत्थान का अर्थ होता है- फिर से उठना/ पुन: उन्नति करना !
भारत के पुनरुत्थान के लिए हमारे सभी ग्रंथों पवित्र शास्त्र गीता वेद पुराण आदि के द्वारा भक्ति करने से ही पुनरुथान सम्भव है , हमारे समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने के लिए हमें पुणे अध्यात्म को स्थापित करना होगा जिसके लिए हमें एक पूर्ण गुरु की आवश्यकता होगी पूर्ण गुरु की पहचान हमें शास्त्रों में वर्णित है ज्ञान से ही पता चलेगा पूर्ण गुरु है जो हमें सभी शास्त्रों पुराना का ज्ञान मिली मानती से करें तथा हमें इस दलदल से बाहर निकालेइस समय इस पृथ्वी पर एकमात्र संत संत रामपाल जी महाराज है जो हमें सभी शास्त्रों के आधार पर भक्ति साधना बताते हैं नशा जुआ शराब आदि से दूर रखता है उनका पहला नियम है की जो भी भगत नाम लेता है वह नशे से दूर रहेगा जुआ रिश्वत बिल्कुल भी नहीं लेनी और पर स्त्री को बहन के समान समझना है फिल्मों से दोनों से दूर रहने का कहते हैं संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्य इन सभी दुर्व्यसनों से दूर रहते हैं अतः समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए तथा भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए संत रामपाल जी महाराज के तंत्र विज्ञान का होना बहुत ही आवश्यक है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति से को संत रामपाल जी महाराज जी के ज्ञान को सुनना चाहिए तथा उनसे नाम लेकर अपने मनुष्य जीवन का कल्याण कराना चाहिए |
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