मांस खाना महापाप है

मांस खाना महापाप है 

जीव की हत्या कर उसका मांस खाना महापाप है ,परमात्मा ने हमारे लिए बहुत से खाने के लिए फलदार वृक्ष ,अन्न भण्डार दिये है  |जो हमारे खाने के लिए सर्वोत्तम आहार दिये है , फिर भी हम अगर परमात्मा के द्वारा बनाये गए जीवों को खाते हैं ,तो हमसे बडा़  परमात्मा का दोषी कोई  हो ही नहीं सकता |

जो मनुष्य मांस खाता है ,वह परमात्मा का दोषी है |चाहे वह मुस्लिम हो या हिन्दू हो ,दोनों जीव परमात्मा के दोषी है |

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